बढ़ा हुआ यूरिक एसिड सेहत के लिए काफी नुकसानदेह होता है। अगर शरीर में यूरिक अम्ल की मात्रा बढ़ जाए तो इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए समय रहते इस बीमारी को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। ऐसे में आज हम आपको यूरिक अम्ल को नियंत्रित करने का एक घरेलू नुस्खा बताएंगे जिससे यूरिक अम्ल नियंत्रित रहेगा। ये घरेलू नुस्खा जैतून का तेल है।जो सेहत के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है।
तो चलिए जानते हैं जैतून का तेल किस तरह से यूरिक एसिड को नियंत्रण में रखेगा, साथ ही जानिए जैतून के तेल का इस्तेमाल कैसे करते है|

जैतून का तेल यूरिक अम्ल करेगा नियंत्रण-
जैतून का तेल यूरिक अम्ल को नियंत्रण करने में मदद करता है। इसमें विटामिन ई के अलावा विटामिन के, आयरन, ओमेगा 3, फैटी एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट्स भी पाया जाता है, जो यूरिक अम्ल को कम करने में सहायक है। साथ ही ये जोड़ों के दर्द और सूजन को भी कम करता है।

यूरिक अम्ल के मरीज इस तरह करें जैतून के तेल का इस्तेमाल-
जैतून के तेल का इस्तेमाल आप खाना बनाने में कर सकते हैं। इसके लिए आप रोजमर्रा में खाने पीने की जो भी चीजें बनाएं उसमें सिर्फ जैतून के तेल का ही प्रयोग करें।

जैतून के तेल के अन्य फायदे-

  • कब्ज के लिए- जैतून का तेल कब्ज की समस्या को दूर करता है। इस तेल का नियमित रूप से सेवन करना पेट के लिए फ़ायदेमंद माना जाता है।
  • डायबिटीज मरीजों के लिए- जैतून का तेल डायबिटीज मरीजों के लिए भी लाभकारी होता है। खासतौर पर टाइप- 2 डायबिटीज वाले मरीजों के लिए। एक रिसर्च के अनुसार जैतून का तेल टाइप-2 डायबिटीज के लिए लाभदायक साबित होता है।
  • आंखों की थकान के लिए- जैतून का तेल आंखों की थकान को दूर करने में भी मदद करता है। इसके लिए आप आंखों के आसपास जैतून के तेल से हल्की-हल्की मसाज कर सकते है| इससे आंखों की थकान मिट जाती है।