अगर आपके शरीर में एस्ट्रोजन लेवल बढ़ रहा है तो ये समस्याएं हो सकती है-

  • ब्रेस्ट में टेंडरनेस और दर्द- एस्ट्रोजेन लेवल ब्रेस्ट से जुड़ी समस्याएं साथ लेकर आता है और कई महिलाओं को ब्रेस्ट में टेंडरनेस के साथ और भी समस्याएं हो सकती हैं।
  • ब्लोटिंग- ऐसे समय में ब्लोटिंग की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
  • हैवी मेंस्ट्रुअल फ्लो- एस्ट्रोजेन हार्मोन अगर बढ़ता है तो मेंस्ट्रुअल फ्लो भी अधिक होने लगता है। ये नॉर्मल से काफी ज्यादा होता है जो आपके स्वस्थ पर बुरा असर डालता है।
  • मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स- एस्ट्रोजन हार्मोन मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स के लिए भी उत्तरदायी होता है।
  • सिरदर्द- कई बार एस्ट्रोजन लेवल के बढ़ने के कारण जरूरत से ज्यादा सिरदर्द भी बढ़ जाता है।
  • पीएमएस- लगातार मूड स्विंग होना, बहुत ज्यादा परेशानी भरा अनुभव होता है।
  • हॉट फ्लैशेज- एस्ट्रोजेन हार्मोन के ज्यादा बढ़ने पर कई बार हॉट फ्लैशेज जैसी परेशानी भी हो सकती है।

कैसे एस्ट्रोजन लेवल कम करें:

  • अधिक आर्गेनिक फुड खाएं
  • अपने आहार में अधिक फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाएं
  • पॉलीफेनॉल युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार मे शामिल करे
  • सल्फर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें
  • क्रुसिफेरोउस वेजिटेबल्स को अपने आहार में शामिल करें
  • अधिक मशरूम खाएं
  • अनार खाएं
  • रेड ग्रेप्स या लाल रंग के अंगूर खाएं
  • पीएं ग्रीन टी
  • लें सही विटामिन सप्लीमेंट